नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जुटे लोग और इस कानून के समर्थन में लगी भीड़ ने देश की राजधानी को धुआ-धुआ कर दिया। उत्तर पूर्वी दिल्ली के इलाकों में जमकर बवाल हुआ और इसी बीच दिल्ली पुलिस की कानून व्यवस्था की भी पोल खुल गई। हालात और ज्यादा ना बिगड़े, इसके लिए AGMUT 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी एसएन श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से दिल्ली के स्पेशल कमिश्नर के तौर पर बैठाया गया है।
सीआरपीएफ के अफसर श्रीवास्तव ने IPL मैच फिक्सिंग का भी किया था खुलासा
एसएन श्रीवास्तव एक सीआरपीएफ के तेज-तर्रार अफसर है और वर्तमान में डीजी ट्रेनिंग के तौर पर काम कर रहे थे। अब उन्होंने दिल्ली का स्पेशल पुलिस कमिश्नर (लॉ ऐंड ऑर्डर) बनाया गया है। बता दें कि इससे पहले भी वो दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में रहे चुके हैं। स्पेशल सेल में बतौर विशेष पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी संभालते हुए एसएन श्रीवास्तव ने दिल्ली में IPL मैच में फिक्सिंग का खुलासा किया था। श्रीवास्तव को कठिन परिश्रम से काम करने के लिए जाना जाता है।
जम्मू-कश्मीर में भी अनुभव रहा खास, आतंक के खात्मे का दिया गया काम
एसएन श्रीवास्तव दो साल पहले तक जम्मू-कश्मीर के स्पेशल डीजी रहे। उन्हें घाटी में ऑपरेशन ऑल आउट के दौरान आर्मी के साथ काम करने के लिए जाना जाता है। श्रीवास्तव को पूर्व में कश्मीर में आतंक के खात्मे का काम सौंपा गया था। 2017 में श्रीवास्तव के साथ मिलकर सीआरपीएफ ने दक्षिण कश्मीर में तमाम ऐंटी टेरर ऑपरेशंस को चलाया था। इनमें ऑपरेशन ऑल आउट भी था, जिनमें हिज्बुल के कई टॉप कमांडर्स का एनकाउंटर कर दिया गया था।
दिल्ली के अगले पुलिस कमिश्नर हो सकते हैं श्रीवास्तव
बता दें कि श्रीवास्तव दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक के बैचमेट रहे हैं। मंगलवार शाम उन्हें वापस दिल्ली पुलिस में तैनात करते हुए तत्काल पद ग्रहण करने का आदेश दिया गया। जहां पोस्टिंग के बाद एसएन श्रीवास्तव ने दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों और राज्य पुलिस के अधिकारियों के साथ अहम बैठक भी की। उन्होंने दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह की मीटिंग में भी भाग लिया। इससे अंदाजा भी लगाया जा रहा है कि श्रीवास्तव को दिल्ली के अगले पुलिस कमिश्नर के रूप में भी देखा जा सकता है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर पटनायक जल्द ही रिटायर होने वाले हैं। हालांकि, उन्हें जनवरी में ही रिटायर होना था, लेकिन दिल्ली विधानसभा के चुनावों को देखते हुए उनका कार्यकाल एक महीने तक बढ़ा दिया गया था। अब वे 29 फरवरी को रिटायर हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में CAA के मसले पर भड़की हिंसा में कई लोगों की जान जा चुकी है, इनमें पुलिसवाले भी शामिल हैं।